Friday, February 13, 2009

शिवराज बने अच्युतानंदन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान वेसे तो काफी चतुर माने जाते हैं
और उन्होंने कुछ अच्छे काम भी किए हैं
पर अब लगता है की राजनीती ने उनको भी जकड लिया है।
आज वे जबलपुर मैं ही थे और शहर से मात्र तीस किलोमीटर दूर का एक वीर जवान पुरुषोत्तम पोखरण मैं शहीद हो गया था जिसको अन्तिम विदाई देने हजारों लोग उसके ग्रह नगर सिहोरा , गोसलपुर के ह्रदय नगर मैं एकत्र थे। सी ऍम के जबलपुर मैं होने के कारन यंहा के नेता और अधिकारी भी वीर को अन्तिम प्रणाम करने नहीं जा सके।
ये अलग बात है की उनको सी ऍम ने नहीं रोका था पर अगर शिवराज भी वीर को सलामी देने पहुच जाते तो कम से कम ये कहने को होता की सी ऍम सच्चे देशभक्त हैं लेकिन आज उन्होंने केरल के सी ऍम अच्युतानंदन की बराबरी कर ली।
रही बात शहर के विधायकों या बाकी नेताओ की , तो ये देशभक्त न सही "स्वामिभक्त" तो हैं ।
शिवराज जी आप खुश हो सकते हो की आपको ऐसे भक्त मिले पर आज जो गलती की वो दोबारा न हो वरना शहीदों की चिताओं पर मेले भी न लगेंगे ...

1 comment:

Anonymous said...

thats right sir. ye baat yadi aap news paper me bolte to aur bhi maza aa jata